भारत में खेती करने वाले किसानों के लिए उर्वरक सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। हर मौसम में फसल की अच्छी पैदावार के लिए DAP और Urea का सही उपयोग जरूरी होता है। 2025 में सरकार ने किसानों को राहत देते हुए उर्वरकों की कीमतें स्थिर रखी हैं, जिससे खेती की लागत नहीं बढ़ेगी। केंद्र सरकार ने फॉस्फेटिक और पोटाशिक खादों पर सब्सिडी जारी रखकर DAP, NPK, SSP जैसी खादें सस्ती कीमत पर उपलब्ध करवाई हैं। DAP Urea New Rate इसके साथ ही यूरिया की कीमत भी पहले जैसी ही रखी गई है।
DAP Urea New Subsidy Rate
| उर्वरक (Fertilizer) | बैग का साइज | असली कीमत (बिना सब्सिडी)* | किसानों के लिए अंतिम कीमत (MRP) 2025 |
|---|---|---|---|
| DAP | 50 KG | ₹2,400–₹2,800 | ₹1,350 |
| Urea | 45 KG | ₹550–₹600 | ₹242 |
| NPK (10:26:26) | 50 KG | ₹2,200–₹2,600 | ₹1,275–₹1,350 |
| NPK (12:32:16) | 50 KG | ₹2,500–₹2,900 | ₹1,450–₹1,550 |
| SSP | 50 KG | ₹650–₹700 | ₹350–₹450 |
| MOP (Potash) | 50 KG | ₹1,700–₹1,900 | ₹1,100–₹1,200 |
साल 2025 में खाद की कीमतों में क्या बदलाव हुए
केंद्र सरकार ने Nutrient Based Subsidy (NBS) योजना के तहत फॉस्फेटिक और पोटाशिक खादों के लिए सब्सिडी जारी रखी है। DAP और अन्य खादों की कीमतों को स्थिर रखने के लिए बड़ी सब्सिडी दी गई है।
सबसे बड़ी राहत यह है कि 2025 में भी DAP 50 KG का बैग सिर्फ ₹1350 में उपलब्ध होगा।
यानी कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
2026 में DAP की कीमत थोड़ी कम हो सकती है।
क्योंकि
- कच्चा माल (Phosphate, Ammonia) सस्ता हो रहा है
- सरकार की तरफ से सब्सिडी बढ़ने की संभावना है
- यूरोप और एशिया में सप्लाई बढ़ रही है
Urea Rate 2026 -अनुमानित
| वर्ष | बैग का वजन | अनुमानित रेट | नोट |
|---|---|---|---|
| 2026 | 50 KG | ₹1240 – ₹1300 | राज्य अनुसार 20–40 रुपये का अंतर |
2026 में Urea की कीमत स्थिर या थोड़ी कम हो सकती है।
क्योंकि
- भारत में नई उत्पादन क्षमता तैयार हो रही है
- गैस की कीमतें नीचे आ गई हैं
- सरकार किसानों पर बोझ नहीं बढ़ाना चाहती
2026 में खाद की कीमतें क्यों कम हो सकती हैं?
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरक के दाम कमजोर हैं
- दुनिया में सप्लाई बढ़ी है
- भारत सरकार 2026 में सब्सिडी बजट बढ़ा सकती है
- चुनावी वर्ष में कीमत बढ़ाने की संभावना कम रहती है
इसलिए किसान भाइयों के लिए 2026 में हालात अच्छे दिख रहे हैं।
किसानों के लिए इसका फायदा क्या होगा?
- बुवाई की लागत कम होगी
- गेहूं, धान, कपास, मूंगफली, बाजरा जैसी फसलों में मुनाफ़ा बढ़ेगा
- खाद समय पर उपलब्ध होने के चांस बढ़ेंगे
- बाजार की कीमतें स्थिर रहेंगी
2026 में किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
- खाद का स्टॉक समय पर चेक करें
- फसल के हिसाब से DAP और Urea का सही संतुलन चुनें
- काला बाज़ारी से बचने के लिए हमेशा प्रमाणित केंद्र से ही खरीदें
- कीमत अचानक बढ़े या कम हो — सरकारी अपडेट जरूर फॉलो करें
निष्कर्ष
कुल मिलाकर 2026 में DAP और Urea दोनों के रेट कम या स्थिर रहने की उम्मीद है।
इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।
अगर आप खेती करते हैं और सही समय पर खाद खरीदते हैं —
तो 2026 आपके लिए काफी बेहतर साबित हो सकता है।
Disclaimer
MyBharatSeva.com पर दी गई सभी जानकारी सामान्य सूचना के लिए है। सरकारी योजनाओं, भर्ती और प्रक्रियाओं से जुड़े विवरण आधिकारिक वेबसाइटों और नोटिफिकेशन पर आधारित हैं। किसी भी आवेदन या निर्णय से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक साइट पर अवश्य जाँच करें।
सरकारी योजना/नोकरी की जानकारी के लिए यहा क्लिक करे
Disclaimer
MyBharatSeva.com पर दी गई सभी जानकारी सामान्य सूचना के लिए है। सरकारी योजनाओं, भर्ती और प्रक्रियाओं से जुड़े विवरण आधिकारिक वेबसाइटों और नोटिफिकेशन पर आधारित हैं। किसी भी आवेदन या निर्णय से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक साइट पर अवश्य जाँच करें।










