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Birsa Munda Jayanti 2025: Tribal Hero Birsa Munda Biography in Hindi

PM Modi Devmogara Visit 2025: बिरसा मुंडा जयंती पर होगा ऐतिहासिक कार्यक्रम

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर 2025 को गुजरात के नर्मदा जिले के देड़ियापद तालुका मे आया हुए देवमोगरा गाव पहुंचने वाले हैं, जहाँ वे भगवान बिरसा मुंडा जयंती (Birsa Munda Jayanti)के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह दौरा पूरे देशभर के आदिवासी समुदाय के लिए गर्व और उत्साह का विषय बना हुआ है।

बिरसा मुंडा जयंती: जनजातीय गौरव दिवस

15 नवंबर को हर साल भगवान बिरसा मुंडा जयंती पूरे देश में बड़े सम्मान के साथ मनाई जाती है।
बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
इसी दिन को केंद्र सरकार ने “जनजातीय गौरव दिवस” (Tribal Pride Day) के रूप में भी घोषित किया है।

देवमोगरा में कार्यक्रम की खास बातें

इस वर्ष बिरसा मुंडा जयंती का मुख्य आयोजन देवमोगरा (Devmogara) में किया जा रहा है, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी स्वयं उपस्थित रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस अवसर पर वे कई जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ भी कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • आदिवासी युवाओं के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स
  • महिला सशक्तिकरण से जुड़ी स्वरोजगार योजनाएँ
  • शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित नई घोषणाएँ

PM मोदी का संभावित संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में देशभर से आए हुए आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।
उनका यह भाषण आदिवासी गर्व, संस्कृति और विकास पर केंद्रित होगा।
संभावना है कि वे इस मौके पर “नया भारत – समावेशी भारत” का संदेश देंगे।

स्थानीय लोगों में उत्साह

देवमोगरा और आसपास के इलाकों में पीएम मोदी के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं।
लोगों का कहना है कि —

“प्रधानमंत्री का देवमोगरा आना हमारे लिए गर्व की बात है। बिरसा मुंडा जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का यह सुनहरा अवसर है।”

Birsa Munda Jayanti इतिहास से सीख

भगवान बिरसा मुंडा ने अपने छोटे से जीवन में अंग्रेज़ों के खिलाफ उलगुलान आंदोलन चलाया था।
उनका संदेश था — “जल, जंगल और जमीन हमारे हैं।”
उनकी यही विचारधारा आज भी भारत के आदिवासी समाज को एकजुट रखती है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति और आत्मसम्मान का उत्सव है।
देवमोगरा में होने वाला यह आयोजन आने वाले वर्षों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बनेगा।

Disclaimer:

यह ब्लॉग सार्वजनिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। कार्यक्रम में परिवर्तन संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि अंतिम जानकारी के लिए सरकार के आधिकारिक स्रोत देखें।

सरकारी योजना की जानकारी के लिए यहा क्लिक करे

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